Trek to Tungnath Temple Uttarakhand | World's highest Shiva temple | Ran...



तुंगनाथ उत्तराखण्ड के गढ़वाल के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित एक पर्वत है। तुंगनाथ पर्वत पर स्थित है तुंगनाथ मंदिर, जो ३,६८० मीटर की ऊँचाई पर बना हुआ है और पंच केदारों में सबसे ऊँचाई पर स्थित है। यह मंदिर १,००० वर्ष पुराना माना जाता है और यहाँ भगवान शिव की पंच केदारों में से एक के रूप में पूजा होती है। ऐसा माना जाता है की इस मंदिर का निर्माण पाण्डवों द्वारा भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया गया था, जो कुरुक्षेत्र में हुए नरसंहार के कारण पाण्डवों से रुष्ट थे। तुंगनाथ की चोटी तीन धाराओं का स्रोत है, जिनसे अक्षकामिनी नदी बनती है। मंदिर चोपता से ३ किलोमीटर दूर स्थित है।

तुंगनाथ: कब और कैसे पहुंचे

मई से नवंबर तक यहां कि यात्रा की जा सकती है। हालांकि यात्रा बाकी समय में भी की जा सकती है लेकिन बर्फ गिरी होने के कारण से वाहन की यात्रा कम और पैदल यात्रा अधिक होती है। जनवरी व फरवरी के महीने में भी यहां की बर्फ की मजा लेने जाया जा सकता है।

दो रास्तों में से किसी भी एक से यहाँ पहुँचा जा सकता है:-
  • ऋषिकेश से गोपेश्वर होकर। ऋषिकेश से गोपेश्वर की दूरी २१२ किलोमीटर है और फिर गोपेश्वर से  चोपता चालीस किलोमीटर और आगे है, जो कि सड़क मार्ग से जुड़ा है।
  • ऋषिकेश से ऊखीमठ होकर। ऋषिकेश से उखीमठ की दूरी १७८ किलोमीटर है और फिर ऊखीमठ से आगे चोपता चौबीस किलोमीटर है, जो कि सड़क मार्ग से जुड़ा है।

यातायात सुविधा

ऋषिकेश से गोपेश्वर और ऊखीमठ के लिए बस सेवा उपलब्ध है। इन दोनों स्थानों से चोपता के लिए बस सेवा के अलावा टैक्सी और जीप भी बुक कराई जा सकती है।

आवासीय सुविधाएं

गोपेश्वर और ऊखीमठ, दोनों स्थानों पर गढ़वाल मंडल विकास निगम के विश्रामगृह हैं। इसके अलावा प्राइवेट होटल, लॉज, धर्मशालाएं भी हैं जो सुगमता से मिल जाती हैं। चोपता में भी आवासीय सुविधा उपलब्ध है और यहां पर स्थानीय लोगों की दुकानें हैं।

समय और मौसम

मई से लेकर नवंबर तक यहां की यात्रा थोड़ी सरल है। यात्रा के लिए सप्ताह भर का समय पर्याप्त है। गर्म कपडे साथ में रहने चाहिए क्योंकि यहाँ पर वर्षभर ठंड रहती है।

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